Short Information: भारत के किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए सरकार ने 1 जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य है – हर खेत तक पानी पहुँचाना और जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना।
हर खेत को पानी – हर बूंद से फसल

PMKSY प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के मुख्य उद्देश्य:
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) का उद्देश्य देश में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करना, पानी की बचत करना और किसानों की आय बढ़ाना है। इस योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
1. हर खेत को पानी (Har Khet Ko Pani)
PMKSY का मुख्य उद्देश्य देश के हर किसान के खेत तक सिंचाई सुविधा पहुंचाना है, ताकि वर्षा पर निर्भरता कम हो।
2. पानी का अधिकतम उपयोग (Per Drop More Crop)
कम पानी में अधिक उत्पादन के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देना।
3. सिंचाई क्षेत्र का विस्तार
नई नहरों, तालाबों और जल स्रोतों के माध्यम से सिंचित क्षेत्र बढ़ाना।
4. जल संरक्षण को बढ़ावा देना
वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting), वाटरशेड विकास और जल पुनर्भरण को प्रोत्साहित करना।
5. खेती की लागत कम करना
सिंचाई में पानी, बिजली और उर्वरक की बचत कर कृषि लागत घटाना।
6. फसल उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाना
नियमित और संतुलित सिंचाई से फसल की पैदावार और गुणवत्ता में सुधार करना।
7. सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सहायता
कम वर्षा वाले और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी सिंचाई समाधान उपलब्ध कराना।
8. किसानों की आय बढ़ाना
बेहतर सिंचाई से उत्पादन बढ़ाकर किसानों की कुल आय में वृद्धि करना।
9. प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
जल, मिट्टी और पर्यावरण का संतुलित और टिकाऊ उपयोग सुनिश्चित करना।
10. आधुनिक सिंचाई तकनीक को अपनाना
खेती में आधुनिक माइक्रो-इरिगेशन तकनीकों को बढ़ावा देना।
PMKSY प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना मुख्य घटक / घटक योजनाएँ:
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए इसे विभिन्न घटक योजनाओं में विभाजित किया गया है, ताकि किसानों तक सिंचाई सुविधा और जल संरक्षण के लाभ सीधे पहुँच सकें।
1. सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation – Per Drop More Crop)
इस घटक के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को सब्सिडी के साथ बढ़ावा दिया जाता है।
- कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई
- 40%–70% तक सब्सिडी (राज्य/श्रेणी अनुसार)
- पानी, बिजली और उर्वरक की बचत
2. जल स्रोत विकास (Watershed Development)
इस घटक का उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार करना है।
इसके अंतर्गत किए जाने वाले कार्य:
- वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting)
- चेक डैम, तालाब और जलाशयों का निर्माण
- मृदा संरक्षण और नमी बनाए रखना
3. जल संसाधन प्रबंधन (Water Resource Management)
इस घटक में मौजूदा सिंचाई ढांचे को मजबूत किया जाता है।
- नहरों का विकास और लाइनिंग
- कुओं और ट्यूबवेल्स का निर्माण व मरम्मत
- सिंचाई क्षमता का बेहतर उपयोग
4. हर खेत को पानी (Har Khet Ko Pani)
इस घटक का लक्ष्य है कि कोई भी किसान सिंचाई सुविधा से वंचित न रहे।
- दूरस्थ खेतों तक पानी पहुँचाना
- सिंचाई नेटवर्क का विस्तार
5. Command Area Development (CAD)
मौजूदा सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े क्षेत्रों में जल वितरण को बेहतर बनाना और सिंचित क्षेत्र का अधिकतम उपयोग करना।
PMKSY (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना) से किसानों को होने वाले लाभ
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) किसानों को आधुनिक सिंचाई सुविधाएँ उपलब्ध कराकर खेती को अधिक लाभदायक बनाती है। इस योजना से किसानों को निम्नलिखित प्रमुख लाभ मिलते हैं:
1. ड्रिप और स्प्रिंकलर पर सब्सिडी
PMKSY के तहत किसानों को ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई सिस्टम पर 40% से 70% तक सब्सिडी मिलती है (राज्य व श्रेणी अनुसार)।
2. पानी की बड़ी बचत
माइक्रो-इरिगेशन तकनीक से 30%–50% तक पानी की बचत होती है, जिससे कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव होती है।
3. फसल उत्पादन में वृद्धि
नियमित और नियंत्रित सिंचाई से फसल की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।
4. खेती की लागत में कमी
कम पानी, कम बिजली और संतुलित उर्वरक उपयोग से खेती की कुल लागत घटती है।
5. सूखा प्रभावित क्षेत्रों को राहत
कम वर्षा वाले और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी सिंचाई समाधान उपलब्ध होते हैं।
6. किसानों की आय में बढ़ोतरी
बेहतर उत्पादन और कम लागत के कारण किसानों की शुद्ध आय (Net Income) बढ़ती है।
7. हर खेत को पानी की सुविधा
PMKSY का लक्ष्य हर खेत तक सिंचाई सुविधा पहुंचाना है, जिससे वर्षा पर निर्भरता कम होती है।
8. जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा
वर्षा जल संचयन और संतुलित सिंचाई से जल संसाधनों और पर्यावरण का संरक्षण होता है।
9. आधुनिक तकनीक का लाभ
किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने का अवसर मिलता है, जिससे खेती स्मार्ट बनती है।
10. सरकारी सहायता सीधे बैंक खाते में
सब्सिडी राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है।
PMKSY प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- स्टेप 1: PMKSY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ:
🔗 https://pmksy.gov.in - स्टेप 2: होमपेज पर “Apply for Micro Irrigation” या संबंधित राज्य पोर्टल का चयन करें (कई राज्यों के कृषि विभाग की अपनी वेबसाइट होती है, जैसे राजस्थान, गुजरात आदि)।
- स्टेप 3:New Registration” पर क्लिक करें और अपना मोबाइल नंबर व आधार नंबर दर्ज करें
- स्टेप 4: OTP वेरीफाई करके लॉगिन करें।
- स्टेप 5: ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें – जिसमें ये विवरण देना होता है
- किसान का नाम
- पिता/पति का नाम
- आधार संख्या
- भूमि का विवरण (जमाबंदी/खसरा नंबर, रकबा)
- सिंचाई स्रोत (बोरवेल, नहर, तालाब आदि)
- बैंक खाता संख्या (IFSC कोड सहित)
- पासपोर्ट साइज फोटो और जमीन के दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें।
- स्टेप 6:फॉर्म सबमिट करें और एप्लिकेशन नंबर नोट करें।
- स्टेप 7:आपके आवेदन की जाँच कृषि विभाग द्वारा की जाएगी। योग्य पाए जाने पर आपको योजना का लाभ मिलेगा।
ऑफ़लाइन आवेदन प्रक्रिया
- स्टेप 1:अपने नजदीकी कृषि उपनिदेशक कार्यालय, कृषि पर्यवेक्षक, ग्राम सेवक या कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से संपर्क करें।
- स्टेप 2:वहाँ से आपको PMKSY का आवेदन फॉर्म मिलेगा।
- स्टेप 3:फॉर्म को ध्यानपूर्वक भरें और साथ में आवश्यक दस्तावेज़ लगाएँ:
- आधार कार्ड की प्रति
- जमीन के कागजात (खसरा/नक्शा/नामांतरण)
- बैंक पासबुक की प्रति
- पासपोर्ट फोटो
- सिंचाई स्रोत का विवरण (यदि मौजूद हो)
- स्टेप 4:फॉर्म को कृषि विभाग में जमा करें।
- स्टेप 5:फील्ड वेरिफिकेशन के बाद आपकी पात्रता तय की जाएगी और लाभ दिया जाएगा
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के लिए जरूरी दस्तावेज़
| क्रम संख्या | दस्तावेज़ का नाम | विवरण / उद्देश्य |
|---|---|---|
| 1️⃣ | आधार कार्ड | पहचान प्रमाण के रूप में आवश्यक |
| 2️⃣ | भूमि स्वामित्व प्रमाण (जैसे: जमाबंदी, खसरा) | यह दर्शाने के लिए कि आप संबंधित भूमि के मालिक हैं |
| 3️⃣ | बैंक पासबुक (IFSC कोड सहित) | सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेजने के लिए |
| 4️⃣ | पासपोर्ट साइज फोटो | आवेदन पत्र के साथ पहचान हेतु |
| 5️⃣ | मोबाइल नंबर | OTP सत्यापन और विभागीय संपर्क के लिए |
| 6️⃣ | सिंचाई उपकरणों की जानकारी (यदि पहले से है) | यदि पहले से ड्रिप, स्प्रिंकलर आदि लगे हों तो उनकी जानकारी |
PMKSY संपर्क और सहायक जानकारी
| क्रम संख्या | विवरण | जानकारी / लिंक |
|---|---|---|
| 1️⃣ | कृषि हेल्पलाइन (टोल-फ्री) | 1800-180-1551 |
| 2️⃣ | राज्य कृषि विभाग कार्यालय | अपने जिले के नजदीकी कार्यालय से संपर्क करें |
| 3️⃣ | PMKSY आधिकारिक वेबसाइट | https://pmksy.gov.in |
| 4️⃣ | ऑनलाइन आवेदन (Apply New) | Apply Now on PMKSY |
| 5️⃣ | वीडियो गाइड (YouTube) | PMKSY आवेदन प्रक्रिया वीडियो देखें |
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